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    कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड 2026 में भारत की स्वर्णिम सफलता

    Publish Date : July 15, 2026
    The Indian Contingent comprising the five Gold Medal winners, team leaders and scientific observers at the 56th International Physics Olympiad (IPhO) 2026, Bucaramanga, Colombia

    • 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (आईपीएचओ) 2026 में सभी पाँच भारतीय विद्यार्थियों ने स्वर्ण पदक जीता।
    • भारत ने अन्य देशों के साथ संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान अर्जित किया। 80 से अधिक देशों के 380 से अधिक विद्यार्थियों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन।
    • होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र, टाटा मूलभूत अनुसंधान केंद्र का एक राष्ट्रीय केंद्र है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत एक सहायता प्राप्त संस्थान है, जिसने राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के माध्यम से भारत की सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निरंतर संवर्धन करता है।

    कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (आईपीएचओ) 2026 में भारतीय टीम के सभी पांच सदस्यों ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय युवा भौतिकीविदों के गौरव को बढ़ाया है।

    • भारत ने 87 देशों के 381 विद्यार्थियों के बीच चीन, कज़ाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ संयुक्त रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्व में पहला स्थान अर्जित किया। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान शिक्षा और उत्कृष्टता में देश की बढ़ती प्रतिष्ठा की पुनः पुष्टि हुई है। पदक जीतने वाले भारतीय विद्यार्थियों के नाम निम्नानुसार हैं:
    • कनिष्क जैन – पुणे, महाराष्ट्र
    • ऋद्धेश अनंत बेंडाले – इंदौर, मध्य प्रदेश
    • ऋषित गर्ग – द्वारका, नई दिल्ली
    • श्रेष्ठ सुरैया – मुंबई, महाराष्ट्र
    • स्वरित जोशी – अहमदाबाद, गुजरात

    इस उत्कृष्ट उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में पिछले एक दशक में भारत के प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा शीर्ष स्थान हासिल करने की भारतीय गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है।

    यह उपलब्धि भारत के ओलंपियाड कार्यक्रम की समृद्धि को दर्शाता है। जिसका नेतृत्व होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) द्वारा किया जाता है, जो टाटा मूलभूत अनुसंधान केंद्र (TIFR) का एक राष्ट्रीय केंद्र है और परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के अंतर्गत एक सहायता प्राप्त संस्थान है। भारत में ओलंपियाड कार्यक्रम के नोडल केंद्र के रूप में होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र, देश को अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड समुदाय से जोड़ता है। यह संस्थान बहु-चरणीय चयन प्रक्रिया, अभिविन्यास शिविरों और गहन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय से पहले विद्यार्थियों में विज्ञान और गणित की असाधारण प्रतिभा की पहचान करने, उसे निखारने तथा उनका मार्गदर्शन करने के लिए समर्पित है।

    डॉ. अजित कुमार मोहान्ती, सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग ने पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि “हमारे युवा भौतिकीविदों की यह उत्कृष्ट उपलब्धि देश के लिए गौरव का विषय है। अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में पाँच स्वर्ण पदक जीतना और संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त करना हमारे विद्यार्थियों की प्रतिभा, लगन और वैज्ञानिक सोच के साथ-साथ एचबीसीएसई-टीआईएफआर ओलंपियाड कार्यक्रम की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मैं इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों, उनके माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को हार्दिक बधाई देता हूँ। उनकी सफलता अनगिनत युवा मस्तिष्कों को विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है और वैज्ञानिक शिक्षा और नवाचार में भारत के अग्रणी नेतृत्व को सुदृढ़ बनाता है।”

    परमाणु ऊर्जा विभाग, उनके मार्गदर्शकों प्रो. अन्वेश मजूमदार (एचबीसीएसई-टीआईएफआर) और डॉ. लीना जोशी (सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई), साइंटिफिक ऑब्जर्वर प्रो. आनंद दासगुप्ता (आईआईएसईआर, कोलकाता) और सुश्री निशा केलकर (गोगटे-जोगलेकर कॉलेज, रत्नागिरी) तथा एचबीसीएसई के भौतिकी ओलंपियाड टीम एवं मार्गदर्शन मण्डल को भी हार्दिक बधाई देता है, जिन्होंने भारत के प्रतिभाशाली युवाओं को वैश्विक मंच के लिए तैयार करने में अटूट समर्पण दिखाया है।

    एचबीसीएसई के केंद्र निदेशक प्रोफ़ेसर अर्नब भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में इस बात पर बल दिया कि विज्ञान और गणितीय ओलंपियाड में भारतीय टीम की लगातार उपलब्धियां, दशकों के धैर्यपूर्ण प्रगति और मार्गदर्शन का परिणाम है। हालाँकि असाधारण प्रतिभाशाली विद्यार्थी और समर्पित तथा धैर्यवान मार्गदर्शक हमेशा से रहे हैं, लेकिन भारतीय टीम ने आज जिस उपलब्धि को अर्जित किया है, वह कई दशकों से परमाणु ऊर्जा विभाग से मिल रहे सहयोग के कारण से ही संभव हो पाया है, जिसके लिए मैं विभाग का हृदय से धन्यवाद ज्ञापन करता हूँ।

    आईपीएचओ 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन एक बार फिर स्कूली विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और देश के भावी वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय नेतृत्व के लिए एक सुदृढ़ आधार तैयार करने के प्रति परमाणु ऊर्जा विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।