डॉ. मोहंती का जन्म 1959 में ओडिशा में हुआ था। उन्होंने 1979 में एमपीसी कॉलेज, बारीपदा से भौतिकी में ऑनर्स के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 1981 में रेनशॉ कॉलेज, कटक से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। 1983 में, वे बीएआरसी प्रशिक्षण स्कूल के 26वें बैच से स्नातक होने के बाद न्यूक्लियर फिजिक्स डिवीजन, बीएआरसी में शामिल हो गए। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
डॉ. मोहंती ने परमाणु भौतिकी के कई क्षेत्रों में काम किया, जिसमें टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) का पेलेट्रॉन त्वरक, ब्रूकहेवन नेशनल लेबोरेटरी (बीएनएल), यूएसए का पीएचईएनआईएक्स और सीईआरएन, जिनेवा का सीएमएस प्रयोगों का उपयोग करके उप-कूलम्ब बैरियर से आपेक्षिकीय क्षेत्र तक टकराव ऊर्जा का अध्ययन शामिल है ।
डॉ. मोहंती ने विभिन्न संगठनों में कई मानद पदों पर कार्य किया। उन्होंने भारतीय भौतिकी संघ (आईपीए) के महासचिव और बाद में इसके अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह भारत-सीएमएस सहयोग के प्रवक्ता, साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स के निदेशक और बीएआरसी के निदेशक रह चुके हैं। वह दो बार सीईआरएन साइंटिफिक एसोसिएट रह चुके हैं, पहली बार 2002-2004 के दौरान और फिर 2010-2011 के दौरान।
डॉ. मोहंती 1988 में इंडियन फिजिकल सोसाइटी से युवा भौतिक विज्ञानी पुरस्कार, 1991 में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी युवा वैज्ञानिक पुरस्कार और 2001 में परमाणु ऊर्जा विभाग के होमी भाभा विज्ञान और प्रौद्योगिकी पुरस्कार के प्राप्तकर्ता हैं। उन्हें दस से अधिक विश्वविद्यालयों से ‘डॉक्टर ऑफ़ साइंस’ (मानद उपाधि) प्राप्त हुई है। डॉ. मोहंती ‘नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंसेज’, ‘इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ़ इंजीनियरिंग’, ‘इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी’ और ‘द वर्ल्ड एकेडमी ऑफ़ साइंसेज’ के निर्वाचित फेलो हैं।
डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने 03 मई, 2023 को परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार के सचिव का पदभार ग्रहण किया।
