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    सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग ने तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र का भ्रमण किया और दुनिया के सबसे पुराने प्रचालनरत पावर रिएक्टरों की विरासत जारी रखने की सराहना की।

    • सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग डॉ. अजित कुमार मोहांती ने तारापुर संयंत्र स्थल का भ्रमण किया; नाभिकीय ऊर्जा मिशन के प्रति एनपीसीआईएल के समर्पण की सराहना की।
    • तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र (टीएपीएस) यूनिट 1 और 2 का कमीशनन वर्ष 1969 में हुआ, जो विश्व के सबसे पुराने प्रचालनरत वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा रिएक्टर हैं।
    • स्वदेशी प्रौद्योगिकी ने इसके जीवन-विस्तार को लगभग 10 वर्ष और अधिक बढ़ा दिया है; परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद ने टीएपीएस 1 और 2 के प्रचालन को जारी रखने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।
    • तारापुर, ‘विकसित भारत’ के लिए प्रौद्योगिकी के अधिग्रहण से लेकर प्रौद्योगिकीय आत्मनिर्भरता तक भारत की प्रगति को दर्शाता है।

    डॉ. अजित कुमार मोहांती, सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) और अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग (एईसी) ने आज तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र (टीएपीएस) का भ्रमण किया। उन्होंने विश्व के सबसे पुराने प्रचालनरत दोनों रिएक्टरों – टीएपीएस 1 और 2 – के वर्तमान जीवन-विस्तार को 10 वर्ष बढ़ाये जाने की समीक्षा किया।

    डॉ. मोहांती ने न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के वैज्ञानिकों, अभियंताओं और कर्मचारियों से बातचीत की और भारत के पहले न्यूक्लियर पावर स्टेशन के सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल प्रचालन को सुनिश्चित करने के लिए उनके समर्पण की सराहना की। दौरे के दौरान, डॉ. मोहांती ने एनपीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) श्री वी. राजेश की उपस्थिति में प्राइमरी कूलेंट पंप टेस्ट फैसिलिटी (पीसीपीटीएफ) का उद्घाटन किया।

    इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. मोहांती ने कहा: “विश्व के सबसे पुराने प्रचालनरत नाभिकीय रिएक्टर टीएपीएस यूनिट 1 और 2 का निरंतर प्रचालन, वैज्ञानिकों, अभियंताओं और ऑपरेटरों के कई पीढ़ियों के समर्पण और हमारी नियामक और प्रौद्योगिकी क्षमताओं की परिपक्वता का प्रमाण है। एक दशक के लिए जीवन-काल का विस्तार, भारत के प्रौद्योगिकी अधिग्रहण से प्रौद्योगिकीय आत्मनिर्भरता तक के परिवर्तन को दर्शाता है और एक संधारणीय तथा ऊर्जा-आत्मनिर्भर ‘विकसित भारत’ के निर्माण की हमारी क्षमता में विश्वास को प्रेरित करता है।”

    भारत की परमाणु यात्रा में तारापुर का एक विशेष स्थान रखता है। वर्ष 1969 में टीएपीएस 1 और 2 के कमीशनन से देश में वाणिज्यिक नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन की शुरुआत की गई थी और तारापुर को सोवियत संघ से बाहर एशिया का पहला नाभिकीय विद्युत केंद्र बनाया गया था। पिछले साढ़े पांच दशकों में, इस स्टेशन ने भारत की नाभिकीय अभियांत्रिकी क्षमताओं, प्रचालन अभ्यास और संरक्षा संस्कृति को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है।

    एनपीसीआईएल द्वारा लगातार नवीकरण और संरक्षा के उन्नयन पर ज़ोर देते हुए, श्री राजेश ने कहा कि “तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र की यूनिट 1 और 2, नाभिकीय संरक्षा और अभियांत्रिकी कौशल के प्रति भारत की सुदृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। निरंतर उन्नयन, नवाचार और सुदृढ़ संरक्षा संस्कृति के माध्यम से ये इकाइयां अग्रणी संस्थापनाओं में विकसित होकर स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को सहयोग देने वाली सुदृढ़ परिसंपत्तियां बन चुकी हैं।”

    परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद द्वारा टीएपीएस 1 और 2 को प्रचालनरत रखे जाने के वर्तमान अनुमोदन भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह अनुमोदन कड़ी नियामक निगरानी और संरक्षा-प्रथम सिद्धांतों के मार्गदर्शन का अनुपालन करते हुए ‘जीवन-विस्तार’ और आधुनिकीकरण कार्यक्रम के पश्चात प्रदान किया गया है।

    इस उपलब्धि के महत्व पर ज़ोर देते हुए, तारापुर (महाराष्ट्र) संयंत्र स्थल के निदेशक श्री अजय कुमार भोले ने कहा कि “टीएपीएस 1 और 2 के जीवन-विस्तार और उनके आधुनिकीकरण की सफलता, एनपीसीआईएल की तकनीकी परिपक्वता और संरक्षा पर उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ‘शून्य-क्षति’ के सिद्धांत के साथ प्रोजेक्ट-मोड में किया गया यह कार्य दर्शाता है कि कैसे पुरानी नाभिकीय परिसंपत्तियों को आज की नियामक और प्रौद्योगिकीय अपेक्षाओं के अनुरूप पुनर्जीवित किया जा सकता है।”

    जीवन-विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण प्रणालियों और घटकों का व्यापक निरीक्षण, पुनः सज्जा, प्रतिस्थापन और नवीनीकरण किया गया। इसके साथ ही रिएक्टर इंटीग्रिटी असेसमेंट के लिए प्रगत स्वदेशी प्रौद्योगिकी का उपयोग, इलेक्ट्रिकल प्रणाली का आधुनिकीकरण तथा दीर्घकालिक प्रचालन विश्वसनीय एवं संरक्षा को बेहतर बनाने के उपाय भी लागू किए गए। वर्षों के दौरान, टीएपीएस 1 और 2 ने 100 बिलियन यूनिट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिला है और साथ ही 86 मिलियन टन से अधिक के बराबर कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका गया है।

    टीएपीएस 1 और 2 की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, श्री विनय थत्ते, स्टेशन निदेशक, टीएपीएस 1 और 2 ने कहा कि “टीएपीएस 1 और 2 ने भारत की नाभिकीय अभियांत्रिकी क्षमताओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वदेशी नवाचार से लेकर उन्नत निरीक्षण और संरक्षा में सुधार तक, यह स्टेशन पुराने हो रहे संयंत्रों के प्रबंधन और संधारणीय नाभिकीय प्रचालन के एक मॉडल के रूप में कार्य करना जारी रखा हुआ है।”

    तारापुर केवल भारत का पहला वाणिज्यिक नाभिकीय विद्युत केंद्र ही नहीं है बल्कि यह हमारी वैज्ञानिक परिकल्पना, अभियांत्रिकी कौशल और स्वच्छ ऊर्जा का जीवंत प्रतीक है। टीएपीएस 1 और 2 के प्रचालन को जारी रखने के लिए अनुमोदन मिलना यह दर्शाता है कि बेहतर रखरखाव, निरंतर आधुनिकीकरण और कड़ी संरक्षा निगरानी के सहयोग से नाभिकीय परिसंपत्तियां कैसे दशकों तक देश की सुरक्षित और कुशल सेवा कर सकते हैं।

    टीएपीएस 1 और 2 का निरंतर प्रचालन भारत की स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा संधारणीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है और देश की सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिक उपलब्धियों की विरासत को भी बनाए रखता है।

    जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहा है, नाभिकीय ऊर्जा विश्वसनीय, चौबीसों घंटे तक उपलब्धता और न्यून कार्बन बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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    Secretary, DAE reviewing facilities at TAPS
    सचिव, पऊवि द्वारा टीएपीएस की सुविधाओं का समीक्षा करते हुए
    Secretary, DAE convening the session at Tarapur Maharashtra Site
    सचिव, पऊवि द्वारा तारापुर, महाराष्ट्र संयंत्र स्थल पर सत्र को संबोधित करते हुए
    Secretary, DAE inaugurates the Primary Coolant Pump Test Facility (PCPTF) at TAPS
    सचिव, पऊवि द्वारा टीएपीएस में प्राइमरी कूलेंट पंप टेस्ट फैसिलिटी (PCPTF) का उद्घाटन करते हुए
    Secretary, DAE reviewing facilities at TAPS
    सचिव, पऊवि द्वारा टीएपीएस की सुविधाओं का समीक्षा करते हुए
    Secretary, DAE visits Tarapur Atomic Power Station
    सचिव, पऊवि द्वारा तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र का भ्रमण
    Secretary, DAE visits Tarapur Atomic Power Station
    सचिव, पऊवि द्वारा तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र का भ्रमण
    Secretary, DAE plats a tree during the visit to Tarapur Atomic Power Station
    सचिव, पऊवि द्वारा तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र के भ्रमण के दौरान पेड़ लगाते हुए