भाविनी ने भारत में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए एक अहम इंडस्ट्री पार्टनरशिप कॉन्क्लेव आयोजित किया।
भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI), जो भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के अधीन एक सार्वजनिक उपक्रम है, ने 19 जून 2026 को चेन्नई के महाबलीपुरम में “फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBR) विस्तार हेतु उद्योग साझेदारी सम्मेलन” का आयोजन किया। इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम में भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उद्योगों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन का उद्घाटन सत्र भाविनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री पी. ए. सुरेश बाबू के नेतृत्व में आयोजित किया गया। उन्होंने प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के निर्माण में उद्योग साझेदारों द्वारा दिए गए असाधारण योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। हाल ही में PFBR ने क्रिटिकलिटी (Criticality) प्राप्त की है, जो भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
स्वदेशी डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण के माध्यम से विकसित यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत की भावना का सशक्त उदाहरण है। PFBR भारत की तकनीकी क्षमता और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए, फास्ट ब्रीडर रिएक्टर कार्यक्रम का विस्तार सतत विकास सुनिश्चित करने तथा देश के परमाणु ईंधन संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्योग जगत के नेताओं ने नेट ज़ीरो 2070 के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु स्वच्छ, विश्वसनीय और टिकाऊ परमाणु ऊर्जा के विकास में सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
तकनीकी और संवादात्मक सत्रों ने गहन विचार-विमर्श के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया। प्रतिभागियों ने क्षमता विस्तार, स्वदेशीकरण, आपूर्ति श्रृंखला एवं गुणवत्ता तथा दीर्घकालिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की। प्रतिभागियों ने यह भी माना कि भारत का विस्तारशील परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम प्रगतिशील नीतिगत पहलों और एक सुदृढ़ नियामक ढांचे द्वारा समर्थित है।
उद्योग जगत ने इस पहल का व्यापक स्वागत किया और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह परमाणु सुरक्षा प्रशासन को और मजबूत बनाता है, हितधारकों का विश्वास बढ़ाता है तथा परमाणु क्षेत्र के सतत विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।
सम्मेलन का समापन अत्यंत सकारात्मक वातावरण में हुआ।



