परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा संवर्धित युवा शक्ति का लाल किले पर सम्मान; अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड 2026 के सफल प्रतिभागियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल किया गया।
- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने और राष्ट्र को संबोधित किए जाने के अवसर पर, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 के युवा भारतीय उपलब्धिकर्ताओं ने नई दिल्ली के लाल किले में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया।
- यह सम्मान भारत की युवा शक्ति को समर्पित है, जो विकसित भारत @2047 की ओर राष्ट्र की यात्रा में एक प्रमुख प्रेरक शक्ति है। यह वर्ष वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है।
- ये उपलब्धियां भारत के राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के सामर्थ्य को दर्शाती हैं, जिसका नेतृत्व होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (एचबीसीएसई) द्वारा किया जाता है जो टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (टीआईएफआर) का एक राष्ट्रीय केंद्र तथा परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधीन एक सहायता प्राप्त संस्थान है।
- विशेष अतिथियों ने नई दिल्ली में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया, जिनमें डॉ. जितेंद्र सिंह, माननीय राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय और डॉ. अजित कुमार मोहान्ती, सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग, भारत सरकार के साथ संवाद भी शामिल था।
भारत की युवा शक्ति ने ऐतिहासिक लाल किले पर विशेष स्थान बनाया जब अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 के युवा भारतीय पदक विजेता, भारत सरकार के विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्र के स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। इन युवा उपलब्धिकर्ताओं को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित लाल किले की प्राचीर से भारतीय तिरंगा फहराए जाने और राष्ट्र को संबोधित किए जाने के क्षण का साक्षी बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
इन युवा उपलब्धिकर्ताओं को मिला सम्मान भारतीय युवाओं की अपार क्षमता और राष्ट्र के विकसित भारत @2047 लक्ष्य की दिशा में उनके योगदान का उत्सव था। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस वर्ष में राष्ट्रीय समारोह में ओलंपियाड उपलब्धिकर्ताओं की उपस्थिति, विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में भारत की युवा शक्ति की ऊर्जा, प्रतिभा और आकांक्षाओं का सदुपयोग करने के माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान का सशक्त प्रतीक थी।
यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारत के असाधारण प्रदर्शन के बाद प्रदान किया गया है। भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित में भारतीय छात्रों ने वर्ष 2026 में 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक जीते। लाल किले पर छात्रों को दिया गया यह सम्मान छोटी आयु से ही असाधारण वैज्ञानिक और गणितीय प्रतिभाओं की पहचान करने और उसे निखारने के लिए सतत रूप से किए जा रहे राष्ट्रीय प्रयासों की भी मान्यता है।
इस राष्ट्रीय प्रयास के केंद्र में एचबीसीएसई जो टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (टीआईएफआर) का एक राष्ट्रीय केंद्र तथा परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अधीन एक सहायता प्राप्त संस्थान रहा है। विज्ञान और गणित ओलंपियाड कार्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय नोडल केंद्र के रूप में एचबीसीएसई, चयन, अभिमुखीकरण, प्रशिक्षण और मेंटरिंग की एक कठोर बहु-स्तरीय प्रक्रिया का अनुसरण करता है। परमाणु ऊर्जा विभाग, इस सतत राष्ट्रीय प्रयास के लिए एक प्रमुख आधारस्तंभ के रूप में कार्य करता रहा है। परमाणु ऊर्जा विभाग ने टीआईएफआर और एचबीसीएसई को अपने सहयोग के माध्यम से एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने में सहायता की है जो वैज्ञानिक प्रतिभाओं के संवर्धन के साझा मिशन में देश भर के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और विषय विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। यह संस्थागत सहयोग प्रतियोगिताओं के आयोजन से आगे बढ़कर निरंतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी तक विस्तृत है।
विशेष अतिथियों का नई दिल्ली दौरा केवल स्वतंत्रता दिवस समारोह तक ही सीमित नहीं रहा। युवा प्रतिभाओं ने राजधानी पहुंचकर डॉ. अजित कुमार मोहान्ती, सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोग से मुलाकात की। इस अवसर पर डॉ. मोहान्ती ने कहा, “यह अत्यंत गर्व का विषय है कि हमारे युवा ओलंपियाड उपलब्धिकर्ताओं को लाल किले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय अवसर पर उनकी उपस्थिति भारत की युवा शक्ति और उनकी जिज्ञासा, दृढ़ता और उत्कृष्टता की भावना की यथोचित पहचान है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में हमारे छात्रों का उत्कृष्ट प्रदर्शन वैज्ञानिक और गणितीय प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने के लिए किए जा रहे निरंतर राष्ट्रीय प्रयासों का भी प्रतिबिंब है। परमाणु ऊर्जा विभाग को टीआईएफआर और एचबीसीएसई को अपना सहयोग देकर इस प्रयास में योगदान देने का सौभाग्य प्राप्त है और वह इस इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे भारत के युवा प्रतिभाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने, नवाचार करने और विकसित भारत@2047 के निर्माण में योगदान देने का हर अवसर प्राप्त हो।”
छात्रों ने डॉ. जितेंद्र सिंह, माननीय राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय से मुलाकात की और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक व प्रधानमंत्री संग्रहालय सहित राष्ट्रीय महत्व के स्थलों का भ्रमण किया।
परमाणु ऊर्जा विभाग युवा ओलंपियाड उपलब्धिकर्ताओं, उनके माता-पिता, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, टीम लीडरों, वैज्ञानिक पर्यवेक्षकों, एचबीसीएसई के ओलंपियाड सेल और देश भर के विशेषज्ञों के समुदाय को बधाई देता है जिनके समर्पण ने इन उल्लेखनीय उपलब्धियों में योगदान दिया है।
इन युवा वैज्ञानिकों और गणितज्ञों की लाल किले में उपस्थिति, पदक विजेताओं के समूह को दिए गए सम्मान से भी कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण थी। यह उत्कृष्टता को पहचानने, प्रतिभाओं को निखारने और अपने युवा नागरिकों को वैश्विक स्तर पर सर्वोच्च उपलब्धि अर्जित करने का अवसर प्रदान करने की भारत की क्षमता का उत्सव था। जैसे-जैसे भारत, विकसित भारत @ 2047 की ओर अग्रसर हो रहा है, इन युवा ओलंपियनों की उपलब्धियां और आकांक्षाएं, उस युवा शक्ति की एक प्रेरणादायक झलक प्रस्तुत करती हैं जो राष्ट्र के भविष्य को साकार करेंगी।